Our story · संस्था परिचय

पिछले 34 वर्षों में यह पौधा एक वट वृक्ष का रुप धारण करते हुए आज 15.9.2012 को सदस्यों की संख्या 642 है, जिसमें 51 संरक्षक सदस्य, 62 मानद् सदस्य एवं 589 आजीवन सदस्य सम्मिलित हैं।
संस्था का प्रथम सांस्कृतिक कार्यक्रम (कवि सम्मेलन) संस्था के स्थापना दिवस यानि 3 अक्टूबर, 1978 को तत्कालिन होटल हॉली डे इन में हुआ।
आज तिमंजिला भवन फरीदाबाद में बहुत ही सुचारु तरीके से बन कर सभी लोगों के काम आ रहा है।
संस्था की सुख्याति सर्वत्र सुगंध की तरह फैल रही है। संस्था में हर वर्ष होली–दिवाली पर तथा तीज पर कार्यक्रम होते हैं। इस वर्ष रेड क्रास सोसाइटी के साथ मिलकर मानसिक रुप से अविकसित बच्चों का एक स्कूल का निर्माण कार्य चालु हो गया है, जिसे प्रशासन के साथ मिलकर संयुक्त रुप से चलायेंगे।
संस्था के उद्देश्य
- एसोसिएशन के सदस्यों में एकता, सौहार्द और भ्रातृत्व को विकसित करना व राजस्थानी संस्कृति का प्रचार करना।
- सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं और अध्ययन यात्राओं, पर्यटन और खेलकूद आदि का आयोजन करना।
- अध्ययन एवं सूचना केन्द्रों और पुस्तकालयों की स्थापना एवं प्रबन्ध करना।
- परिपत्रों, पत्रिकाओं, स्मारिकाओं आदि का प्रकाशन करना।
- एसोसिएशन से सम्बन्धित एवं जरुरतमंद विद्यार्थियों और शोध-कर्ताओं को छात्रवृत्तियां तथा अनुदान प्रदान करना।
- एसोसिएशन से सम्बन्धित जनों को आर्थिक क्षेत्र में सहयोग प्रदान करना।
- देश के अन्य भागों में समान हितों वाली संस्थाओं से सम्बद्ध होना अथवा सहयोग करना।
सदस्यता
- कोई भी व्यक्ति एसोसिएशन का सदस्य बन सकता है, बशर्ते वह कम से कम 18 वर्ष का हो।
- कोई भी व्यक्ति एसोसिएशन के उद्देश्यों के अनुसार सदस्य बनने की योग्यता रखता हो।
Be part of the story
Anyone aged 18 or above who shares our aims can become a member. Holi, Teej, Diwali and Dandiya are celebrated together at Rajasthan Seva Sadan.
- Holi
- Teej
- Diwali Milan
- Dandiya Raas